चीन से आयात रोकना चीन पर कितना असरकारक
चीन से आयात रोकना कितना जायज?
वर्तमान में डोकलाम से उत्पन्न तनाव की वजह से चीनी वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस कदम से भारत को क्या-क्या हानि उठानी पड़ेगी उसका हम विश्लेषण करेंगे।
1.भारत WTO का सदस्य है जो व्यापार में किसी भी हस्तक्षेप को नकारता है। अतः भारत के इस कदम से विश्व स्तर पर भारत की गलत छवि बनेगी,जो भारतीय अर्थव्यवस्था के हित में नही है।
2.भारत को चीन से कम कीमत पर रोजमर्रा की वस्तुएं प्राप्त होती है। अगर चीन से आयात बंद होता है तो भारतीय उद्योग इतने परिपक्व अवस्था में नही है जो कम कीमत पर भारतीय उपभोक्ताओं को निर्मित वस्तुएं दे सके। जाहिर है वस्तुओं की कीमतों में इजाफा होगा, जिसका अंतिम भार भारतीय उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा, जोकि पहले से ही गरीब है।
3,चीन को भारत के इस कदम से कोई फर्क नही पड़ने वाला क्योकि चीन अपने सम्पूर्ण निर्यात का केवल 2%ही भारत को निर्यात करता है। चीन की 'one belt, one road'योजना के पूर्ण होते ही भारत पर से यह 2% निर्भरता भी खत्म हो जायेगी।
4.क़ुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन के साथ भारत का व्यापार संतुलन नेगेटिव होता है, अतः भारत को आयात रोक देना चाहिए। इस पर हमें समझ लेना चाहिये कि भारतीय उद्योग अभी विकासशील अवस्था में हैं, जिनमें आधारभूत सुविधाओं का अभाव है। अतः हमारे देश की वस्तुओं की कीमत ज्यादा होती है जिस कारण निर्यात में कमी आती है। दूसरी ओर हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कुछ देशों के प्रति हमारा व्यापार संतुलन पॉजिटिव भी है।
अब भारत के सामने 2 रास्ते है। एक तो यह कि वह पाकिस्तान की तरह सीमा विवाद को व्यापार सम्बंध से ज्यादा प्रमुखता दे और सीमा विवाद को पकड़े बैठा रहे। दूसरा रास्ता यह है कि सीमा विवादों को अलग रख व्यापार संबंध पर बल दे और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।

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