वेश्यावृत्ति सिर्फ एक व्यवसाय है
मैं अक्सर देखता हूं कि किताबों में, फिल्मों में, और सामान्य आमजन में वेश्याओं के प्रति यह धारणा रहती है कि उनका शोषण हो रहा है। वेश्याओं के पास जाने वाले आधे कस्टमर उनसे यही पूछते हैं कि तुमको इस कोठे पे किसने बेचा? कितने साल से यहां हो? कब तक ये सब करोगी? क्या तुम्हारे घरवाले जानते हैं कि तुम ये सब करती हो? क्या तुम्हें ये सब करना अच्छा लगता है? और इन सब सवालों का वेश्या के पास सिर्फ एक उत्तर होता है कि जो करने आया है वो कर ना। काहे व्योमकेश बन रहा है। तेरे जैसे शरीफ इस दिखावटी दुनिया मे शरीफ़ बने रहते हैं क्योंकि इसके पीछे हम हैं। लेकिन मैं इस पर बहस नही करना चाहता कि वेश्यावृत्ति नैतिक है या अनैतिक क्योंकि इस पर बहुत लिखा जा चुका है। और यह एक ऐसी बहस है जिसका कोई अंत नही। ना ही यह झूठा दिलासा दूँगा कि यह जल्दी खत्म हो जाएगी। वेश्यावृत्ति तो रहेगी, जब तक यह सभ्यता रहेगी। मेरा सिर्फ यह कहना है कि जरूरी नही कि वेश्यावृत्ति में शामिल सभी महिलाएं अपनी इच्छाविरुद्ध आयी हैं, कुछ अपनी मर्जी से भी इसमें शामिल होती हैं। लेकिन जब तुम उनसे बार-बार ये ही पूछोगे कि आखिर ऐसे क्या मजबूरी थी जो यह धं...